Tuesday, 23 February 2010

मयखाने में ' वैली ऑव् फ्लावर्ज़ '

एक
फूलों की घाटी तो है उत्तराखंड मेंबद्रीनाथ के रास्ते में हेमकुंड के लिए जाते हुए एक मार्ग उस फूलों की घाटी के लिए कटता हैमनोरम, सुन्दर जगह बताते हैं पर मैं गया नहीं कभी . करीब से गुज़रा पर गया नहीं कभी चूंकि कहते हैं कि बस अगस्त में वहाँ बहार अपने उरूज़ पे होती है और रास्ते में ये तेज़ बारिश का मौसम हुआ करता है ....बारिश वो भी पहाड़ की... अजी ऊपर वाला खैर बख्शे सो हम पहाड़ की जानिब अक्टूबर और अप्रैल में जाना मुनासिब समझते हैं जब तो किच -किच होती है और ही भीड़-भाड़ ! पर आज बात फिल्म ' वैली ऑव फ्लार्ज़ ' कीकब आई और गयी पता ही चला ! २००७ या ०८ के osean फिल्म फेस्टिवल में देखी थी । संयोग से नेट पे इसकी क्लिप्स मिली हैं और देखने लायक हैंनसीर और मिलिंद सोमन मुख्य भूमिकाओं में दीखते हैं और कुछेक सीन तो वाकई क़ाबिले -ग़ौर हैं लेकिन ये परिवार के साथ देखने योग्य फ़िल्म नहीं है ---

5 comments:

  1. मुनीश जी,
    हमने लिंक सेव कर लिया है,
    थोडी देर मे पूरी फिल्म देखता हूं.

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  2. good, but don't watch it in office hours !

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  3. Nice! Let me check if I can find it somewhere.

    Thanks Munish Bhai.

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  4. wow man.....bit i was just watching u r previous post.....i like that one too....

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  5. नमस्कार मुनीष भाई
    मैं यहां गया हूं, आपके ब्लाग मे पढने में परेशानी आती है

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