Thursday, 3 April 2008
झोंक में मयखान्वी..........
एस. सी. बेदी , गुलशन नंदा, मायापुरी , जासूस चक्रम और चिरकुट , कानों में फूल खोंसे संपादक जी , पोपट-चौपट , सुस्तराम-चुस्तराम , नन्हा जासूस बब्लू ,रानू, राजन- इकबाल , बिल्लू-पिंकी , मिस डायना पामर , लोथार और मैनड्रैक का xanadu, चाचा चौधरी का दिमाग़ कम्प्यूटर से तेज़ चलता है , .......वेताल उर्फ़ फैंटम उर्फ़ चलता फिरता प्रेत !....बहादुर और उसका 'नासुद' ,बेला , कार्टून कोना डब्बू जी...,"जिस नाविल के पीछे एस. सी .बेदी का शाल ओढे फोटो हो उसको ही असल समझना ...नक्कालों से सावधान" ... "वेद प्रकाश शर्मा का कैदी नम्बर १०० जल्द आ रहा है लंदन में छापे आकर्षक कवर के साथ ...अपनी प्रति आज ही सुरक्षित करा लें."....रानू , जेम्स हेडली चेज़ के कवर पे छपी अधनंगी फिरंगन मेमें ,छोटू-लंबू ...शेहाब..आबिद सुरती ...धर्मयुग ....बात कुछ ज़ियादा लम्बी हो जायगी बाबू! पुरानी शराब पीने के बाद बातें भी पुरानी ज़ियादा याद आती हैं.... नहीं?
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क्या गज़ब चिल्ली पोस्ट है - सिलबिल, पिलपिल, चीकू, पिंटू, मोती और राम रहीम पढ़ कर बहुत खुश होते - फ्लैश गार्डन, डा. ज़ारकोव और डेल आरदेन, यहाँ तक विषधर, सम्राट मिंग वो भी - आहा - थेरोन! थेरोन ! - मैं पहुंचा तुम तक - rgds - old man Moz [ पुनश्च - यहाँ डब्बूजी मिल गए हैं - स्कैन कर के pdf भेजूं ?]
ReplyDeleteकैप्टन रंजीत, टिंकल, अमर चित्र कथा, मधु मुस्कान, चंदामामा, बू हू हू इक था बचपन । नईं नई इक है बचपन । बचाके रखा है बचपन ।
ReplyDeleteइतनी पुरानी शराब मुझे भी भेजिये क्योंकि लम्बू-छोटू तब ही कहानी सिमटी हुई है.
ReplyDeleteखोपड़ी वाली गुफा , गुर्रन और टॉम टॉम , मैड वाली दीवाना चिल्ली , मेजर बलवंत की सीटी , डब्बू और गुणाकर , रिप्ले का मानो या न मानो .. टिनटिन और अस्टेरिक्स और किकी तोता , नॉडी की दुनिया ,हार्डी ब्याज़ से लेकर कप्टेन बिग्गल्स तक .. जाने कहाँ कहाँ ?
ReplyDeleteसभी भेज दिजियेगा ,खास कर चाचा चौधरी , फ़्री है तो दो कापी ! क्या करे वर्च्वल इंडियन संस्कार है ""
ReplyDeletegajab bole to....kya din they.
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