Tuesday, 25 May 2010

दो महात्मा मयखाने में !

इनके जैसा न फिर कोई नाचा, न किसी ने ऐसा गाया । हर शब्द दिल से निकला है । मैं तो पूरा यकीन रखता हूँ इसभजन पर और आप ?

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